R. Praggnanandhaa Biography In hindi : दुनिया के दूसरे सबसे छोटे ग्रांडमास्टर के बारे में जाने

(R. Praggnanandhaa Biography In hindi) : दोस्तों, रमेशबाबू प्रज्ञानानंद अब एक ऐसा नाम बन चूका हैं जिसने शतरंज की दुनिया में तहलका मचा रखा हैं। क्यूंकि ये दुनिया के दूसरे सबसे छोटे ग्रांडमास्टर बन गए हैं। साथ ही ग्रांडमास्टर का ख़िताब जितने वाले ये 5वें शख्स बन गए हैं

भारतीय शतरंज प्रेमी अब इस 16 साल के बालक को भारत के महानतम ग्रांडमास्टर विश्वनाथन आनद की विरासत को आगे बढ़ाने वाले खिलाडी के रूप में देख रहे हैं तो आइये हजानते हैं रमेशबाबू प्रज्ञानानंद के बारे में कुछ अनसुनी बातें।

R. Praggnanandhaa Biography In hindi

इनका जन्म बुधवार, 10 अगस्त 2005 को तमिलनाडु के चेन्नई शहर के पाडी इलाके में हुआ था। (R. Praggnanandhaa Biography In hindi) अब इनकी उम्र 17 साल हो चुकी हैं। इनकी राशि सिंह है और फ़िलहाल ये वेलाम्मल मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं।

Praguyananda

R. Praggnanandhaa Biography In hindi-

फैमिली

इनके पिता का नाम के. रमेशबाबू हैं जो की एक बैंक अधिकारी हैं और इनकी माता नागलक्ष्मी एक गृहणी हैं। इनके माता और पिता दोनों ही शतरंज नहीं खेलते हैं। प्रज्ञानंद की एक बड़ी बहिन भी हैं जिसका नाम वैशाली हैं और ये भी प्रज्ञानंद की तरह ही शतरंज की खिलाडी हैं।(R. Praggnanandhaa Biography In hindi) इनकी बहन भी बालिकाओ में अंडर-12 और अंडर-14 में चैंपियन रह चुकी हैं। इनका परिवार कल्कि भगवान का अनुयायी हैं।

Family

R. Praggnanandhaa चैस करियर

सबसे पहले प्रज्ञानंद ने 2013 में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप अंडर 8 जीती(R. Praggnanandhaa Biography In hindi) साथ ही 7 साल की उम्र मई फिडे मास्टर का खिताब जीता था। 2015 में भी वे under -10 खिताब के विजेता थे। इसके बाद 11 साल की उम्र मैं रमेशबाबू international master शतरंज खिलाडी बन गए।

2017 में उन्होंने World Junior Chess Championship जीती थी और इसी के साथ इन्होने पहला ग्रांडमास्टर खिताब जीता था। इन्होने अपना दूसरा ग्रांडमास्टर खिताब 2017 में ग्रीस में जीता था। इटली के ओर्तीजी में प्रज्ञानंद ने 13 साल की उम्र में अपना तीसरा ग्रांडमास्टर ख़िताब हासिल किया। इसी के साथ ये खिताब जितने वाले ये दुनिया के दूसरे सबसे छोटे खिलाडी बन गए।

world youth championship

2022 में TATA Steel के द्वारा आयोजित शतरंज टूनामेंट में इन्होने इतिहास रच दिया।(R. Praggnanandhaa Biography In hindi)  इस Airthings चैंपियनशिप में इन्होने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाडी Magnus Carlson को 8वें दौर में हराकर इतिहास रच दिया। यह एक World Level की शतरंज थी जिसमे रमेशबाबू ने जीत दर्ज की। यह खेल ऑनलाइन चल रहा था जिसे सचिन तेंदुलकर भी देख रहे थे। और जीतने पर इन्हे बधाई भी दी।

carlson vs pragyanaanda

हारने के बाद भी मुस्कराते हैं प्रज्ञानानन्द

प्रज्ञानंद हारने के बाद हताश नहीं होते बल्कि मुस्कुराने लगते हैं। (R. Praggnanandhaa Biography In hindi) क्यूंकि कम उम्र ही प्रज्ञानंद ने हार को झेलना और अपनी गलतियों से सीखना शुरू कर दिया हैं। Netherland में ये 9 में 6 मैच हार गए थे और ये इनका स्थान निचे से दूसरे स्थान पर था लेकिन ये निराश नहीं हुए और अपनी हार को मुस्कराहट के साथ स्वीकार कर ली।

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