Polyhouse Farming: Polyhouse Farming Cost Per Acre

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(Polyhouse Farming): नमस्कार दोस्तों, कई बार खराब मौसम और प्रतिकूल परिस्तिथियों जैसे तापमान और नमी में अंतर और लगातार बारिश होने की वजह से किसान भाइयो की खेती पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता हैं। लेकिन आजकल के आधुनिक युग में पॉलीहॉउस फार्मिंग जैसे तकनीक आ गयी हैं जिसकी मदद से किसान अब किसी भी सीजन में सब्जी या फूलों की खेती आसानी से कर सकते हैं। (Polyhouse Farming) यह तकनीक ख़राब मौसम में काफी कारगर साबित हुई हैं।

किसान भाई इस तकनीक की मदद से फलों और सब्जियों को उगाकर अच्छा ख़ासा मुनाफा कमा रहे हैं। पॉलीहॉउस फार्मिंग का सबसे बड़ा फाड़ा यह हैं की इसमें पुरे साल भर खेती की जा सकती हैं। बिना किसी खास सीजन में भी सब्जियां और फल ऊगा सकते हैं।

What is Polyhouse- पॉलीहाउस क्या है?

पॉलीहाउस एक घर या कांच या पॉलीइथाइलीन जैसे  पारदर्शी सामग्री से बना एक ढांचा है जहाँ पौधे डेवलप होते है और नियंत्रित जलवायु परिस्थतियो में भी डेवलप होते है।(Polyhouse Farming)  संरचना का आकर जरुरत के अनुसार छोटे आकर के बड़े आकर के भवनों से भिन्न होता  है।

इन सबसे ऊपर , एक ग्रीनहाउस एक कांच का घर होता हैजिसका अंदरूनी हिस्सा सूरज की रोशनी से गर्म हो जाता है जब यह धुप ग्रीनहाउस के पास आती है।  क्योकि घर  ग्रीनहाउस गैस छोड़ने के लिए बंद हो जाता है। इसलिए जब यह बाहर ठंडा होता है तो अंदर का Temperature पौधो के लिए अनुकूल और गर्म रहता है।

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What is Polyhouse

ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस फार्मिंग के बीच अंतर- Difference Between Greenhouse And Polyhouse Farming

अब आप जान सकते है पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस में क्या अंतर है। पॉलीहाउस एक तरह का ग्रीनहाउस है, हम ये भी कह सकते है कि ग्रीनहाउस का एक छोटा संस्करण है , (Polyhouse Farming) जहाँ पॉलीइथिलीन को कवर के रूप में उपयोग किया जाता है।

भारत जैसे विकासशील देशों में, पॉलीहाउस खेती अपने निर्माण की कम लागत और आसान रखरखाव के कारण एक लोकप्रिय ग्रीनहाउस तकनीक है। (Polyhouse Farming) लैथ हाउस एक और ग्रीनहाउस का भाग है जहाँ लकड़ी का उपयोग आवरण के रूप में किया जाता है। यदि ग्रीनहाउस की तुलना पॉलीहाउस से करे तो पॉलीहाउस सस्ता है और  ग्रीनहाउस की तुलना में अधिक लंबे समय तक चलने वाला है

पॉलीहाउस में उगाई जाने वाली फसलें- Crops Grown In Polyhouse

  • उगाए जाने वाले फल पपीता, स्ट्राबेरी आदि हैं।
  • उगाई जाने वाली सब्जियों में पत्तागोभी, करेला, शिमला मिर्च, मूली, फूलगोभी, मिर्च, धनिया, प्याज, पालक, टमाटर आदि शामिल हैं।
  • कार्नेशन, जरबेरा, मैरीगोल्ड, ऑर्किड और रोज़ जैसे फूल भी आसानी से उगाए जा सकते हैं।
  • आपके पौधों को नियंत्रित Temperature पर उगाया जाता है और इस प्रकार फसल के नुकसान की संभावना कम होती है।
  • आप पूरे वर्ष में फसले उगा सकते है और किसी विशेष मौसम के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
  • एक पॉलीहाउस में कम कीड़े होते है।
  • बाहरी जलवायु फसलों की वृद्धि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • उत्पादन की गुणवत्ता स्पष्ट रूप से पॉलीहाउस में अधिक है।
  • एक पॉलीहाउस में सजावटी फसलों का प्रयास भी आसानी से किया जा सकता है।
  • पॉलीहाउस आपके पौधों को किसी भी मौसम में सही पर्यावरण सूविहाये देता है।
  • यह उपज को लगभग 5 से 10 गुना तक बढ़ा देता है।
  • उर्वरक आवेदन आसान है और ड्रिप सिचाई की मदद से स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जाता है।

Polyhouse Farming

Types Of Polyhouse- पॉलीहॉउस के प्रकार 

  • Saw tooth Polyhouse
  • Maxi-vent Polyhouse
  • Fan and pad Polyhouse
  • Poly-tunnel

Disadvantages Of Polyhouse- पॉलीहॉउस के नुकसान

  • पॉलीहॉउस में फसल के उत्पादन में लागत बहुत ज्यादा होती हैं।
  • शुरू में पॉलीहॉउस सेटअप करने में काफी ज्यादा पैसे लगते हैं।
  • पॉलीहॉउस फार्मिंग में खेती का काफी ज्यादा रखरखाव करना पड़ता हैं।
  • पॉलीहॉउस खेती में किसनो को काफी ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ती हैं।
  • पॉलीहॉउस खेती का ध्यान रखने के लिए काफी कुशल श्रमिकों की जरुरत पड़ती हैं।
  • पॉलीहॉउस खेती काफी ज्यादा कीटनाशकों और उर्वरको पर निर्भर करती हैं।

पॉली हाउस बनाने की लागत- Estimated Cost Of Polyhouse, Polyhouse Price

दोस्तों, पॉलीहॉउस फार्मिंग में सबसे जरुरी सवाल यह रहता हैं की आखिर एक पॉलीहॉउस लगवाने में कितना खर्चा आ जाता हैं। (Polyhouse Farming) अगर किसानो को 1000 वर्ग मीटर के एरिया में पॉलीहॉउस लगवाना हैं तो लगभग 10 लाख रुपये का खर्चा आता हैं। और अगर कोई किसान 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉलीहॉउस लगवाना चाहता हैं तो उसे लगभग 35 लाख रुपये का खर्चा आएगा। वैसे भारत सरकार पॉलीहॉउस लगवाने के लिए लोन भी देती हैं।

Polyhouse Subsidy Plan

खेती देश में आर्थिक गतिविधियों देने वाला सबसे बड़ा निजी क्षेत्र है। इसलिए, पॉलीहाउस खेती को अब राज्य सरकार द्वारा बागवानी फसलों के साथ बढ़ावा दिया जा रहा है। MIDH दिशानिर्देश के माध्यम से ग्रीन हाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक मल्चिंग, और प्लास्टिक सुरंगों, एंटी-बर्ड / ओलों जाल के निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

MIDH दिशानिर्देश के माध्यम से राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड NHB और राष्ट्रीय बागवानी मिशन NHM किसानो को सब्सिडी प्रधान कर रहे है। (Polyhouse Farming) राष्र्टीये बागवानी बोर्ड NHB प्रति लाभर्थी प्रति 112 लाख अधिकतम छत की परियोजना लागत पर 50% अनुदान और राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) सरकार की एक मिशन योजना है, जो परियोजना लागत के 50% की सब्सिडी प्रदान करता है।(Polyhouse Farming)  इस तरह किसान संरचना स्थापित करने के लिए सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकते है।

Pollyhouse Subsidy Plan

इसके अतिरिक्त , कई राज्यों की अपनी योजना SHM स्टेट हॉर्टिकल्चर मिशन है जहाँ सरकार की नीती के आधार पर 15%- 40% या उससे अधिक की सब्सिडी एनएचएम द्वारा उपलब्ध कराए गए 50% के आधार पर प्रदान की जा सकती है। राज्यवार में कुल सब्सिडी 50% से 90% के बीच है। इसलिए, पॉलीहाउस खेती के लिए जा रहे किसान के लिए इनपुट लागत कम और सस्ती है।

उत्तर-भारतीय राज्यों में सब्सिडी दरों में भिन्नता है क्योंकि हरियाणा और गुजरात राज्य सब्सिडी का 65% प्रदान करते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और पंजाब कुल लागत पर 50% सब्सिडी प्रदान करते हैं। कम से कम 3-5 साल के पॉलीहाउस निर्माण या प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त होने के बाद, हिमाचल प्रदेश 85% और 70% सब्सिडी देता है। योजना कृषि और बागवानी विभाग द्वारा लागू की गई थी।

ग्रीनहाउस सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें- How To Apply For Greenhouse Subsidy?

  • भारत सरकार बागवानी विभाग ( Government Of India Horticulture Department) के माध्यम से ग्रीनहाउस खेती के लिए अनुदान देकर भारत के सभी राज्यों में ग्रीनहाउस खेती को बढ़ावा दे रही है।
  • सरकारी कृषि विभाग ग्रीनहाउस की परियोजना लागत का 50%-60% तक सब्सिडी प्रदान करते है राज्य के साथ साथ राज्य में सब्सिडी प्रतिशत भिन्न होता है।
  • यदि आप सब्सिडी से संबंधित जानकारी , (Polyhouse Farming) गाइडलाइन NHM और NHB वेबसाइट पढ़े।
  • बैंक द्वारा स्वीकृत बैंक ऋण पत्र पूरी शर्तों और शर्तों के साथ जारी किया जाएगा।

बागवानी बुनियादी ढांचा (ग्रीन, पॉलीहाउस, संरचना, आदि)ग्रीनहाउस, फैन और पैड सिस्टम (प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मीटर तक सीमित)लागत का 50% (पहाड़ी क्षेत्रों में 15% अधिक), रु। 700 / – से 825 / – प्रति वर्ग / मी, MIDH के तहत NHM और HMNEH की उप योजनाएँस्वाभाविक रूप से हवादार प्रणाली (अधिकतम 4000 वर्ग मीटर प्रति लाभार्थी)लागत का 50% (पहाड़ी क्षेत्रों में 15% अधिक),

  1.  रु. 422 / – से रु. 530 /- प्रति वर्ग मीटर. ट्यूबलर संरचना
  2. रु. 270 /- प्रति वर्ग मीटर. लकड़ी की संरचना
  3.  रु.225 / – प्रति वर्ग मीटर.बाँस की संरचना

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जयपुर किसान खीरे के वर्थ को उगाने के लिए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करता है। प्रति वर्ष 30 लाख

  • आधारित किसान गंगा राम सिपाट ने अपने परिवार की छह एकड़ भूमि में हमेशा गेहूं, बाजरा, मक्का और ज्वार जैसी फसलें उगाईं। 2013 में चीजें बदल गईं जब उन्होंने पढ़ा कि कैसे कीटनाशकों और रसायनों ने ग्रामीण पंजाब में कैंसर के मामलों को जन्म दिया है।
  • “मुझे पता था कि मेरे तरीके बदलने की जल्द आवश्यकता थी। यह मिट्टी की गुणवत्ता, उत्पादन और उत्पादक के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।(Polyhouse Farming)  हमने तुरंत फफूंदनाशकों और कीटनाशकों के साथ पूरी तरह से दूर रहने का फैसला किया, “43 वर्षीय किसान कहते हैं, जो राजस्थान के कलाख गाँव के निवासी हैं।
  • खेती में गहरी रुचि के साथ, उन्होंने तेजी से बढ़ते भोजन के जैविक तरीके से संक्रमण किया। 2016 में, एवीड किसान ने बढ़ते भोजन के नए तरीके पर विचार किया – पॉलीहाउस (या पॉलीट्यूनल)।
  • उन्होंने यह भी जानने के लिए कि एक पॉलीहाउस में खेती कैसे की जाती है। और अब, तीन एकड़ के पॉलीहाउस में, गंगा राम खीरे उगा रहे हैं और एक साल में 30 लाख रुपये कमा रहे हैं।
  • इसके अलावा, अपने छह एकड़ के परिवार के स्वामित्व वाले खेत में, वह स्ट्रॉबेरी, ब्रोकोली, स्वीट कॉर्न, टमाटर, मिर्च, हिमशैल लेट्यूस, गेहूं, भिंडी, और गेहूं, अन्य लोगों के साथ बढ़ रहा है।
  • The better India (TBI) के साथ बातचीत में , गंगा राम ने अद्वितीय कृषि तकनीकों को साझा किया, जिसने उनके व्यवसाय को लाभदायक बना दिया और यह सुनिश्चित किया कि उनका खेत उपभोक्ताओं के लिए विष मुक्त भोजन देता है।
  • पॉलीहाउस एक घर या कांच या पॉलीइथाइलीन जैसे  पारदर्शी सामग्री से बना एक ढांचा है जहाँ पौधे डेवलप होते है और नियंत्रित जलवायु परिस्थतियो में भी डेवलप होते है। संरचना का आकर जरुरत के अनुसार छोटे आकर के बड़े आकर के भवनों से भिन्न होता  है।
  • पोली हाउस में खेती करने के लिए आपको सबसे पहले पोलीहौसे लगाने वाली कंपनी से संपर्क करना होगा और उनसे बातचीत करके आप आसानी से पाली हाउस लगवा सकते हैं। सरकार पोली हाउस लगवाने के लिए सब्सिडी भी देती हैं। पोली हाउस में आप फल पपीता, स्ट्राबेरी ,सब्जियों में पत्तागोभी, करेला, शिमला मिर्च, मूली, फूलगोभी, मिर्च, धनिया, प्याज, पालक, टमाटर और कार्नेशन, जरबेरा, मैरीगोल्ड, ऑर्किड और रोज़ जैसे फूल भी आसानी से उगा सकते हैं।
  • पोली हाउस लगवाने के लिए आप INDIANGREENHOUSE PVT LTD कंपनी से संपर्क कर सकते हैं। और बाकी की सभी जाकारी कंपनी से प्राप्त कर सकते हैं।
  • पोली हाउस भी अलग अलग तरीको के होते हैं और इनकी कीमत भी उसी प्रकार होती हैं। पोली हाउस की कीमत 15 लाख से 45 लाख तक के बीच रहती हैं। इसमें भी सरकार आपको सब्सिडी देती हैं।
  • पोली हाउस से आप प्रति एकड़ 12 से 20 लाख सालाना कमा सकते हैं।
  • पोली हाउस लगवाने से पहले अपने एरिया में जिस भी व्यक्ति ने पोली हाउस लगवाया हैं उनसे इस बारे में सलाह ले। फिर भी हम आपको कुछ कपनियों के नाम बता रहे हैं इनसे आप संपर्क कर सकते हैं। इनमे से एक हैं https://www.indiangreenhouse.com/ इनसे आप संपर्क कर सकते हैं।
  • अब आप जान सकते है पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस में क्या अंतर है। पॉलीहाउस एक तरह का ग्रीनहाउस है हम ये भी कह सकते है कि ग्रीनहाउस का एक छोटा संस्करण है , जहाँ पॉलीइथिलीन को कवर के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • भारत जैसे विकासशील देशों में, पॉलीहाउस खेती अपने निर्माण की कम लागत और आसान रखरखाव के कारण एक लोकप्रिय ग्रीनहाउस तकनीक है।
  • लाथ हाउस एक और ग्रीनहाउस का भाग है जहाँ लकड़ी का उपयोग आवरण के रूप में किया जाता है। यदि ग्रीनहाउस की तुलना पॉलीहाउस से करे तो पॉलीहाउस सस्ता है लेकिन बाद में पॉलीहाउस की तुलना में अधिक लंबे समय तक चलने वाला है।

यह सब कुछ आज आपने इस लेख के जरिये जाना है। उम्मीद है यह लेख आपके लिए लाभदायक रहा होगा। अगर आपको इस लेख में कुछ समझ नहीं आया हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है। हमारे इस लेख को अपने दोस्तों,रिश्तेदारों,इत्यादि तक शेयर करना न भूले। मैं PRADEEP SINGH आपका तहे दिल से शुक्रिया करता हूँ| कि आपने हमारे लेख को पूरा पढ़ा । और आपने अपना कीमती समय इसे पढ़ने में लगाया। एक बार फिर से दिल से धन्यावद !

Polyhouse Farming क्या हैं?

पॉलीहाउस एक घर या कांच या पॉलीइथाइलीन जैसे  पारदर्शी सामग्री से बना एक ढांचा है जहाँ पौधे डेवलप होते है और नियंत्रित जलवायु परिस्थतियो में भी डेवलप होते है। संरचना का आकर जरुरत के अनुसार छोटे आकर के बड़े आकर के भवनों से भिन्न होता  है।

Polyhouse बनाने में कितनी लागत आती हैं।

दोस्तों, पॉलीहॉउस फार्मिंग में सबसे जरुरी सवाल यह रहता हैं की आखिर एक पॉलीहॉउस लगवाने में कितना खर्चा आ जाता हैं। अगर किसानो को 1000 वर्ग मीटर के एरिया में पॉलीहॉउस लगवाना हैं तो लगभग 10 लाख रुपये का खर्चा आता हैं। और अगर कोई किसान 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉलीहॉउस लगवाना चाहता हैं तो उसे लगभग 35 लाख रुपये का खर्चा आएगा। वैसे भारत सरकार पॉलीहॉउस लगवाने के लिए लोन भी देती हैं।

पॉलीहाउस में उगाई जाने वाली फसलें कोनसी हैं?

उगाए जाने वाले फल पपीता, स्ट्राबेरी आदि हैं।
उगाई जाने वाली सब्जियों में पत्तागोभी, करेला, शिमला मिर्च, मूली, फूलगोभी, मिर्च, धनिया, प्याज, पालक, टमाटर आदि शामिल हैं।
कार्नेशन, जरबेरा, मैरीगोल्ड, ऑर्किड और रोज़ जैसे फूल भी आसानी से उगाए जा सकते हैं।