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Latest Agriculture News:- नमस्ते ! मित्रो आज हम बात करेंगे कृषि से जुडी खबरों के बारे में जैसा की आप जानते है की हमारी सरकार आये दिन नई-नई योजनाओ की शुरुआत करती है। अभी हम बात करेंगे हरियाणा सरकार की हरियाणा सरकार ने NATIONAL BANK FOR Agriculture and Rural Development से वित्त 44% आर्थिक सहायता ली है। सोनीपत में अंतरराष्ट्रीय बागवानी बाजार स्थापना के लिए नाबार्ड 1600 करोड़ रुपये की सहायता दे रहा है। . इस बात की जानकारी खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने समीक्षा बैठक के दौरान कही है। आज हम आपको इस तरह की बड़ी-बड़ी खबरों के बारे में जानकारी देंगे सभी खबरे जाने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक ध्यान से पढ़े।

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बिहार के किसानों की बढ़ाई जाएगी आय पारस

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि केंद्र सरकार जल्दी ही MEGA FOOD PARK योजनाओं की जांच कराएगी केंद्र सरकार से मिलने वाली राजसहायता की धनराशि भी 2 करोड़ रूपये की जायेगी तो वही पारस ने कहा की बिहार के जितने भी किसने है उनकी आय बढ़ाने के लिए कोई अच्छा अभियान की शुरुआत की जरुरत है।

जेपी दलाल ने किसानों से की अपील

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने अधिकारियों को Instruction दिए है की कोई भी किसान इस बार खेतो में सुखी ख़ास न जला पाए फसल काटने के बाद जो भी बचता उसे भी न जलाये क्योकि इससे उपजाऊ जमीन बंजर और खराब हो जाती है । 

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LATEST UPDATE

मोदी सरकार ने किसानो की आय दोगुनी करने की दिशा में मोदी सरकार का एक और महत्वपूर्ण निर्णय।
रबी विपणन सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों की MSP में 35 रुपये से लेकर 400 रुपये तक की गई वृद्धि।

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सरकार ने की भूमि बैंक नीति अधिसूचित

हरियाणा में हाल ही में एक नई सुचना आयी है जिसका नाम है भूमि बैंक नीति अधिसूचित इसके अंतर्गत हरियाणा में जो किसान रह रहे है । उनको किसी के भी दबाव में आकर अपनी ज़मीन नहीं बेचनी पड़ेगी। यदि सरकार भी उनसे उनकी ज़मीन लेती है तो तो किसानो को पूरा हक़ है मोल भाव करने का वह अपनी मर्जी से ज़मीन बेचेंगे।

हर्बल खेती को सरकार दे रही है बढ़ावा, किसानों की आय होगी दोगुनी

हम सब जानते है की इस वक्त हमारा पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है । इसलिए सभी अपने स्वास्थ्य को स्वस्थय रखना चाहता है । हमारे भारत जैसे देश में आयुर्वेदि जड़ी-बूटियाँ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत ही सहयता करेगी हमारे दश में करि सरे ओषधियो के पौधे पाए जाते है EXAMPLE:-अश्वगंधा, गिलोय, भृंगराज, सतावर, पुदीना, मोगरा, तुलसी, घृतकुमारी, ब्राह्मी, शंखपुष्पी और गूलर जो बीमारियों को दूर करने की ताकत रखते हैं । 

इसे बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने ओषधियो पोधो की कृषि की एक योजना बनाई है जिसके अंतर्गत न केवल ओषधियो की उपलब्धता बड़ा सकते है बल्कि हम इसके माध्यम से कमाई भी कर सकते है हमारी सरकार द्वारा निकाली गयी । इस योजना के बारे में जानने के लिए हमारे लेख को आगे तक पढ़े । 

हर्बल कृषि को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने Half a Million Hectares क्षेत्र में हर्बल पौधो की खेती के लिए मदद की। आने वाले सालो में 4000 करोड़ रुपए के खर्च से हर्बल खेती के अंतर्गत 10 लाख HECTARES क्षेत्र को कवर किया जाएगाइससे किसानो को फायदा होगा उनकी आय करीब 5000 करोड़ हो जायेगी । 

 औषधीय पौधे की विशेषता

  • इन पौधो को अधिक मात्रा में पानी और देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है।
  • औषधीय पौधे तैयार होने में ज्यादा टाइम नहीं लगाते।
  • इसमें बार-बार बुवाई करने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • इसके माध्यम से हम अच्छी खासी कमाई भी कर सकते है।
  • इन पौधो की कृषि में लागत कम लगती है।
  • औषधीय पौधे हमारे सेहत के लिए बहुत लाभदायक है।

किसानों के लिए लाभदायक MSP योजना

असम के सहयोग से Trifed द्वारा राज्य में वन धन केंद्र क्लस्टर और 5 Trifood Tribal Food Parks का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा. MSP योजना के लिए MSP के तहत असम में कुल 34.79 लाख रुपये की खरीद की गई है।  Trifed द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र में जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए MARKETING और logistic योजना को विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है |

सेम की खेती से किसान वेदपाल कमा रहे लाखों रुपए, जानिए उनकी सफलता की कहानी

खेती को सफल बनाना है, तो जरूरत है सच्ची लगन और मेहनत की | हमारे देश में कई ऐसे कृषि योद्धा हैं, जिन्होंने खेती में अपनी एक अलग पहचान बनाई है| इस श्रेणी में एक नाम वेदपाल सिंह का भी शामिल है | यह किसान बाजार की नब्ज और पर्यावरण को ध्यान में रखकर खेती करते हैं, इसलिए उन्हें खेती से अच्छी आय भी प्राप्त होती है |

आज कृषि जागरण सफल किसान वेदपाल सिंह की कहानी बताने जा रहा है, जो कि शाहजहांपुर के गांव खजुआहार के मजरा रामपुर में रहते हैं | उन्होंने कोरोना काल में खेती का तरीका ही बदल डाला |

सेम की खेती

एक एकड़ में सेम की खेती

किसान वेदपाल सिंह ने गत वर्ष कोरोना काल में कृषि कारण का थोड़ थोड़ा तरीका बदल दिया उनके द्वारा बताया गया है की उन्होने एक एकड़ खेत में सेम की कृषि की। वह खुद चौक गए की उन्होने केवल 50 उन्हें मात्र 50 Quintal सेम के बीज से 5 लाख रुपए का फायदा हुआ।

यदि वह सामन्य कृषि करते तो उन्हें सिर्फ 1-2 लाख का लाभ मिल पाता उन्होंने कहा है की जब फसल में अच्छा ख़ासा मुनाफ़ा मिल ही रहा है क्यों न साथ में अन्य सब्जिया जैसे गोभी, मिर्च, हल्दी, अदरक समेत सब्जियों की खेती करते हैं।

किस समय करते हैं सेम की खेती

वेदपाल जी ने बताया है की अगस्त के महीने में इस कृषि की बुवाई होती है ,जी की अक्टूबर या फिर नवम्बर में फलियां देने लग जाती है इस फसल में पकने में 90-120 दिन का समय ला जाता है।

हम आपको बता दे की बाज़ार में सेम के बीजो का उपयोग नमकीन में होता है। सेम 70-80 से लेकर 250 रूपए Kg (किलो ग्राम ) तक होती है। इस प्रकार 50 Quintal सेम बीज से Average 5 लाख रुपए से अधिक का लाभ मिल जाता है।

किसानो का कहना है की हमारे भारत देश में कई किसान कृषि कर अच्छा ख़ासा लाभ पा रहे है। यदि आपको अपनी कृषि से बहुत अच्छा लाभ पाना है तो इसके लिए आपको नई-नई Technique की और कृषि को बदल कर करे साथ-साथ मेहनत करें इससे आप अच्छा ख़ासा कमा सकते है।

गेहूं की नयी किस्म नरेंद्र 09 की क्या है ख़ास विशेषता, जानिएं

नैनीताल के एक किसान नरेंद्र मेहरा गंहू की एक नई किस्म का विकास किया है इस नई किस्म को पूरी तरह से विकसित करने वाले किसान नरेंद्र सिंह मेहरा को भारत सरकार द्वारा मान्यता मिल गयी है। यह बीज जैविक है। ये बीज कम मूल्य में भी अधिक उत्पादन देने वाली किस्म है।’

गेहूं की नयी किस्म नरेंद्र 09

क्या है इस किस्म की खासियत

  • इस किस्म में दूसरे गेहूं के मुकाबले कल्ले अच्छे निकलते हैं।
  • इस पैदावार में बीज कम लगते हैं।
  • इस पैदावार का पौधा बहुत अधिक मजबूत होता है।
  • इस पैदावार की फसल किसी भी आंधी तूफ़ान तेज हवा और बारिश में गिरती नहीं है।
  • इस पैदावार की गेंहू की बालियों में दाने बहुत अच्छी मात्रा में आते हैं।
  • इस पैदावार की बाली में 90-95 बीज पाएं जाते हैं, दूसरी पैदावार की बाली में 50- 60 बीज पाएं जाते हैं।

यह सब कुछ आज आपने इस लेख के जरिये जाना है। उम्मीद है यह लेख आपके लिए लाभदायक रहा होगा। अगर आपको इस लेख में कुछ समझ नहीं आया हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है। हमारे इस लेख को अपने दोस्तों,रिश्तेदारों,इत्यादि तक शेयर करना न भूले। मैं खुशबू देवतवाल आपका तहे दिल से शुक्रिया करती हूँ| कि आपने हमारे लेख को पूरा पढ़ा और आपने अपना कीमती समय इसे पढ़ने में लगाया। एक बार फिर से दिल से धन्यावद !

औषधीय पौधे की विशेषता बताईये ?

इन पौधो को अधिक मात्रा में पानी और देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है औषधीय पौधे तैयार होने में ज्यादा टाइम नहीं लगाते इसमें बार- बार बुवाई करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके माध्यम से हम अच्छी खासी कमाई भी कर सकते है। इन पौधो की कृषि में लागत कम लगती है। औषधीय पौधे हमारे सेहत के लिए बहुत लाभदायक है।

 किसानों के लिए लाभदायक MSP योजना

असम के सहयोग से Trifed द्वारा राज्य में वन धन केंद्र क्लस्टर और 5 Trifood Tribal Food Parks का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। MSP योजना के लिए MSP के तहत असम में कुल 34.79 लाख रुपये की खरीद की गई है। Trifed द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र में जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए MARKETING और logistic योजना को विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है।

MSP योजना के बारे में बताइये?

असम के सहयोग से Trifed द्वारा राज्य में वन धन केंद्र क्लस्टर और 5 Trifood Tribal Food Parks का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। MSP योजना के लिए MSP के तहत असम में कुल 34.79 लाख रुपये की खरीद की गई है। Trifed द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र में जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए MARKETING और logistic योजना को विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है |

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